रविवार, 20 नवंबर 2011
बुधवार, 24 अगस्त 2011
सोमवार, 22 अगस्त 2011
कविता
अच्छे बच्चे कुछ बच्चे बहुत अच्छे होते हैं वे गेंद और ग़ुब्बारे नहीं मांगते मिठाई नहीं मांगते ज़िद नहीं करते और मचलते तो हैं ही नहीं बड़ों का कहना मानते हैं वे छोटों का भी कहना मानते हैं इतने अच्छे होते हैं इतने अच्छे बच्चों की तलाश में रहते हैं हम और मिलते ही उन्हें ले आते हैं घर अक्सर तीस रुपये महीने और खाने पर।रचनाकार: नरेश सक्सेना
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